बि9हार वक्फ बिल विवाद: RJD ने कहा – “हमारी सरकार बनते ही वक्फ बिल फाड़ देंगे”

बिहार वक्फ बिल विवाद पर सियासत तेज़ हो गई है। RJD एमएलसी कारी शुएब ने एक सभा में बयान दिया कि “जब RJD की सरकार बनेगी, वक्फ बिल फाड़ दिया जाएगा।” इस बयान ने बिहार की राजनीति में नई आग लगा दी है।
यह विवाद उस वक्त उठा जब खगरिया में आयोजित सभा में शुएब ने वक्फ एक्ट को “अन्यायपूर्ण कानून” कहा। उन्होंने दावा किया कि तेजस्वी यादव के नेतृत्व में RJD सरकार आते ही इस कानून को रद्द कर दिया जाएगा।
वक्फ एक्ट में संशोधन को लेकर पहले से ही राज्य में विरोध जारी था। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, शुएब का बयान सीधे तौर पर केंद्र सरकार की नीति पर हमला माना जा रहा है।
विपक्ष ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। BJP प्रवक्ता ने कहा कि RJD फिर से “धार्मिक ध्रुवीकरण” की राजनीति कर रही है और ऐसे बयान कानून व्यवस्था के लिए खतरा हैं। वहीं JDU नेताओं ने भी कहा कि यह बयान संविधान विरोधी है।
राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, बिहार वक्फ बिल विवाद अब चुनाव 2025 का मुख्य एजेंडा बन सकता है। अल्पसंख्यक मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए यह बयान रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है।
कानूनी दृष्टि से देखें तो किसी भी कानून को “फाड़ देना” केवल राजनीतिक बयानबाजी है, क्योंकि कानून को बदलने के लिए विधानसभा में प्रक्रिया अपनानी पड़ती है। इसीलिए विपक्ष ने इसे “लोकलुभावन बयान” बताया है।
सोशल मीडिया पर #BiharWaqfBillVivad ट्रेंड कर रहा है। लोग पूछ रहे हैं — क्या RJD सच में इस कानून को बदल पाएगी या यह सिर्फ चुनावी वादा रहेगा?
बिहार की जनता अब इंतज़ार कर रही है कि RJD नेतृत्व इस बयान पर क्या स्पष्टीकरण देता है, क्योंकि मामला अब सियासत से आगे बढ़कर धर्म और संविधान के बीच संतुलन का बन गया है।
लेखक: Suraj Pandey
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