इंटरनेशनल जूजित्सु खिलाड़ी रोहिणी कलम ने की आत्महत्या, देवास में मचा शोक – जानें पूरा मामला
रोहिणी कलम आत्महत्या मामला ने पूरे मध्य प्रदेश को झकझोर दिया है। अंतरराष्ट्रीय जूजित्सु खिलाड़ी और मार्शल आर्ट कोच रोहिणी कलम ने देवास में अपने घर पर आत्महत्या कर ली। 35 वर्षीय रोहिणी हाल ही में एक खेल टूर्नामेंट से लौटकर आई थीं। उनकी इस अचानक मृत्यु ने खेल जगत को सदमे में डाल दिया है।
घटना देवास शहर के अर्जुन नगर राधागंज क्षेत्र की है, जहां रोहिणी अपने परिवार के साथ रहती थीं। जानकारी के मुताबिक, वह घर में अकेली थीं जब यह घटना हुई। परिवार के सदस्यों ने उन्हें कमरे में बेहोश पाया, जिसके बाद तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
रोहिणी कलम आत्महत्या मामला: पुलिस जांच में जुटी
देवास पुलिस ने बताया कि घटना स्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, इसलिए आत्महत्या के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
India Today और India.com Hindi की रिपोर्ट के अनुसार, रोहिणी ने हाल ही में एशियन जूजित्सु चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व किया था और कई मेडल जीते थे।
कौन थीं रोहिणी कलम?
रोहिणी कलम का जन्म मध्य प्रदेश के देवास में हुआ था। वह एक अंतरराष्ट्रीय जूजित्सु खिलाड़ी और प्रमाणित मार्शल आर्ट कोच थीं। उन्होंने देश-विदेश में भारत का प्रतिनिधित्व किया और कई पदक जीते। उनके छात्र पूरे देश में फैले हुए हैं और कई प्रतियोगिताओं में उनके मार्गदर्शन में जीत चुके हैं।
उनके परिवार का कहना है कि वह हाल ही में मानसिक रूप से तनाव में थीं, लेकिन उन्होंने कभी आत्महत्या की बात नहीं की थी। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं किसी ने उन्हें उकसाया या मानसिक दबाव तो नहीं बनाया।
खेल जगत में शोक की लहर
रोहिणी कलम आत्महत्या मामला सामने आने के बाद खेल जगत में शोक की लहर फैल गई है। कई खिलाड़ियों और कोचों ने सोशल मीडिया पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। एक खिलाड़ी ने लिखा —
“रोहिणी दीदी हमेशा प्रेरणा का स्रोत थीं, उनका यूं अचानक जाना दिल तोड़ गया।”
मार्शल आर्ट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने भी दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने देश को कई अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियां दिलाईं और महिला खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनीं।
मानसिक स्वास्थ्य पर फिर उठा सवाल
इस घटना के बाद फिर से खिलाड़ियों के मानसिक स्वास्थ्य पर सवाल खड़े हो रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि खिलाड़ियों को लगातार प्रदर्शन के दबाव, सामाजिक अपेक्षाओं और आर्थिक तनाव का सामना करना पड़ता है, जो मानसिक रूप से बेहद थकाने वाला हो सकता है।
हाल के वर्षों में कई खिलाड़ियों ने ऐसे कदम उठाए हैं जिससे यह स्पष्ट होता है कि खेल जगत को सिर्फ प्रशिक्षण ही नहीं बल्कि मानसिक परामर्श और सपोर्ट सिस्टम की भी आवश्यकता है।
अब आगे क्या?
देवास पुलिस ने जांच के लिए विशेष टीम गठित कर दी है। साथ ही, परिवार और दोस्तों से भी बयान लिए जा रहे हैं।
इस रोहिणी कलम आत्महत्या मामला ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर किया है कि क्या भारत में खिलाड़ियों के मानसिक स्वास्थ्य को पर्याप्त महत्व दिया जा रहा है।
रोहिणी कलम आत्महत्या मामला