
SSJ-100 Make in India: भारत में बनेगा पहला पैसेंजर एयरक्राफ्ट
लेखक: Suraj Pandey
नई दिल्ली: भारत की एविएशन इंडस्ट्री के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। SSJ-100 Make in India प्रोजेक्ट के तहत अब देश में पहला पैसेंजर विमान बनाया जाएगा। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और रूस की यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉरपोरेशन (UAC) ने इस दिशा में साझेदारी की है। इस डील को भारत के एयरोस्पेस सेक्टर का टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है।
SSJ-100 Make in India प्रोजेक्ट क्या है?
इस प्रोजेक्ट के तहत भारत में रूस के आधुनिक SSJ-100 (Sukhoi Superjet 100) विमान का निर्माण किया जाएगा। यह विमान 100 यात्रियों को ले जाने में सक्षम होगा और घरेलू व क्षेत्रीय उड़ानों के लिए डिजाइन किया गया है। HAL को इसके डिज़ाइन, असेंबली, टेस्टिंग और मेंटेनेंस का पूरा जिम्मा मिलेगा।
पहली बार भारत में किसी पैसेंजर एयरक्राफ्ट का उत्पादन होगा जो पूरी तरह ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत तैयार किया जाएगा। इससे न सिर्फ तकनीकी कौशल बढ़ेगा बल्कि हजारों लोगों को रोजगार भी मिलेगा।
SSJ-100 Make in India डील से क्या फायदे होंगे?
- भारत को पहली बार अपनी धरती पर पैसेंजर विमान बनाने की क्षमता मिलेगी।
- देश को विदेशी कंपनियों पर निर्भरता कम करनी होगी।
- हजारों तकनीकी नौकरियां पैदा होंगी।
- मेक इन इंडिया के तहत एविएशन सेक्टर को नई दिशा मिलेगी।
- विमान निर्माण की लागत 20–25% तक कम हो सकती है।
SSJ-100 Make in India विमान की खासियतें
यह विमान आधुनिक तकनीक, कम ईंधन खर्च और ज्यादा दक्षता के लिए जाना जाता है। SSJ-100 में एडवांस्ड इंजन, आरामदायक सीटिंग, और बेहतर सुरक्षा फीचर्स दिए गए हैं। यह भारत के अंदर और बाहर छोटे रूट्स पर एक प्रभावी समाधान साबित होगा।
- क्षमता: 100 यात्री
- रेंज: 3,000 से 4,500 किलोमीटर
- स्पीड: 870 किलोमीटर प्रति घंटा
- डिज़ाइन: ईको-फ्रेंडली और लो मेंटेनेंस
SSJ-100 Make in India और मेक इन इंडिया पहल
यह प्रोजेक्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ योजना को और मजबूत करेगा। अब तक भारत विदेशी विमान कंपनियों जैसे बोइंग और एयरबस पर निर्भर रहा है। लेकिन SSJ-100 Make in India के आने से भारत अपने विमान खुद बना सकेगा।
HAL के अनुसार आने वाले कुछ वर्षों में पहला भारतीय असेंबल्ड SSJ-100 विमान लॉन्च किया जाएगा। इससे भारत को दक्षिण एशिया के अन्य देशों को विमान निर्यात करने का अवसर भी मिलेगा।
SSJ-100 Make in India से भारत को क्या लाभ मिलेगा?
यह प्रोजेक्ट न सिर्फ भारत की एविएशन इंडस्ट्री को मजबूत करेगा बल्कि देश को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगा। इस डील से स्थानीय सप्लायर्स और इंजीनियरों को भी अंतरराष्ट्रीय अनुभव मिलेगा।
सरकार ने इसे एक रणनीतिक उपलब्धि बताया है और उम्मीद जताई है कि आने वाले वर्षों में भारत अपनी जरूरत के साथ-साथ अन्य देशों के लिए भी विमान बना सकेगा।
SSJ-100 Make in India: भविष्य की उड़ान
भारत का यह कदम दुनिया को यह दिखाने के लिए काफी है कि देश अब एयरोस्पेस टेक्नोलॉजी में भी आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अग्रसर है। अब आने वाले सालों में भारतीय आसमान में “Made in India Passenger Aircraft” उड़ता दिख सकता है।
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