कानपुर नाले में गिरी ऑटो

कानपुर में बुधवार सुबह कानपुर नाले में गिरी ऑटो हादसे ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। बताया जा रहा है कि श्रद्धालुओं से भरी एक ई-ऑटो अचानक नियंत्रण खोकर सड़क किनारे बने खुले नाले में जा गिरी। हादसा नौबस्ता थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुआ, जहां मौके पर ही दो लोगों की मौत हो गई और करीब नौ लोग घायल बताए जा रहे हैं।

पुलिस के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए जा रहे थे। ऑटो में क्षमता से ज़्यादा लोग सवार थे और अचानक मोड़ पर बैलेंस बिगड़ गया। ऑटो नाले में गिरते ही चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत घायलों को बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी। सभी घायलों को नज़दीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है।

कानपुर नाले में गिरी ऑटो

मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू कार्य शुरू किया और जेसीबी की मदद से ऑटो को बाहर निकाला गया। India TV की रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे के समय सड़क किनारे रेलिंग या कोई बैरिकेड मौजूद नहीं था, जिससे नियंत्रण खोना और भी आसान हो गया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह नाला पिछले कई महीनों से खुला पड़ा है और इलाके के लोगों ने कई बार इसकी शिकायत की थी। इसके बावजूद नगर निगम या प्रशासन ने कोई स्थायी व्यवस्था नहीं की। इसी लापरवाही के कारण आज यह बड़ा हादसा हो गया।

कानपुर नाले में गिरी ऑटो

कानपुर के डीसीपी साउथ ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि मृतकों के परिवारों को सरकार की ओर से मुआवज़ा देने की सिफारिश की जाएगी। वहीं, चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ऑटो तेज़ रफ्तार में थी और चालक ने मोड़ पर ब्रेक लगाने की कोशिश की, लेकिन ऑटो पलट गई।

यह कानपुर नाले में गिरी ऑटो घटना एक बार फिर प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। खुले नालों और ओवरलोडेड वाहनों की वजह से शहर में हादसों का खतरा लगातार बना हुआ है। नागरिकों ने मांग की है कि इस मार्ग पर तुरंत सुरक्षा रेलिंग लगाई जाए और ट्रैफिक पुलिस चौकियों की तैनाती बढ़ाई जाए।

कानपुर नाले में गिरी ऑटो

इससे पहले भी इसी इलाके में तीन महीने पहले एक बाइक सवार युवक नाले में गिरा था, लेकिन तब भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उत्तर प्रदेश न्यूज़ सेक्शन में हमने पहले भी कई ऐसे हादसों पर रिपोर्ट की है जहां प्रशासन की अनदेखी ने लोगों की जान ली है।

कानपुर नाले में गिरी ऑटो

अब सवाल यह है कि क्या इस हादसे के बाद हालात बदलेंगे या एक बार फिर मामला ठंडे बस्ते में चला जाएगा। कानपुर जैसे बड़े शहर में खुले नालों का होना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। यह हादसा एक दर्दनाक सबक है कि सुरक्षा में लापरवाही कितनी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है।

लेखक: Suraj Pandey | स्रोत: India TV | VartaWave


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