MP PWD Engineer GP Mehra Raid: 17 टन शहद और लग्जरी संपत्तियों ने खोले भ्रष्टाचार के राज

MP में GP Mehra Raid ने खोले भ्रष्टाचार के नए राज — 17 टन शहद, सोना-चांदी और लग्जरी कारें जब्त
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी में लोकायुक्त टीम ने पूर्व PWD प्रमुख इंजीनियर G P Mehra के ठिकानों पर की गई छापेमारी में भ्रष्टाचार के हैरान करने वाले सबूत मिले हैं। इस GP Mehra Raid में जांचकर्ताओं ने जो संपत्तियाँ जब्त की हैं, उसने पूरे प्रदेश में हड़कंप मचा दिया है। जानकारी के मुताबिक, मेहरा के पास से करीब 17 टन शहद, किलो-किलो सोना-चांदी, लग्जरी गाड़ियाँ और करोड़ों रुपये की जमीनें मिली हैं।
लोकायुक्त की छापेमारी में मिला ‘Honey Empire’, करोड़ों की संपत्तियों से खुला भ्रष्टाचार का खेल
लोकायुक्त के सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई भोपाल, नर्मदापुरम और सोहागपुर में एक साथ की गई थी। इस दौरान अधिकारियों को GP Mehra के फार्महाउस पर 17 टन शहद के ड्रम, दर्जनों लग्जरी कारें और दर्जनभर कॉटेज मिले। जांच टीम ने बताया कि यह फार्महाउस किसी “मिनी रिसॉर्ट” जैसा दिख रहा था। वहां पर शहद के साथ-साथ मछली पालन, गाय-पालन और विदेशी कारों का पूरा कलेक्शन था।
लोकायुक्त की रिपोर्ट के मुताबिक, मेहरा के ठिकानों से लगभग ₹26 लाख नकद, 2.6 किलो सोना, 5.5 किलो चांदी और करोड़ों रुपये के बैंक दस्तावेज जब्त हुए। टीम ने कहा कि इतनी बड़ी मात्रा में संपत्ति किसी सरकारी अफसर की घोषित आय से कहीं ज्यादा है। इसी आधार पर मामला Disproportionate Assets के तहत दर्ज किया गया है।
जांचकर्ताओं के मुताबिक, फार्महाउस में जो भी निर्माण हुआ, वह एक रिसॉर्ट की तरह था — वहां के दर्जनों कॉटेज, स्वीमिंग पूल, और हनी प्रोसेसिंग यूनिट किसी बिज़नेस सेटअप का आभास देते हैं। अधिकारी इसे ‘Mini Maldives Resort’ कहकर संबोधित कर रहे हैं, क्योंकि संपत्ति का वैभव किसी विदेशी रेसॉर्ट से कम नहीं था।
इस कार्रवाई ने प्रशासनिक जगत को हिला दिया है। राज्यभर में चर्चा है कि एक रिटायर्ड इंजीनियर के पास इतनी बड़ी संपत्ति आखिर कैसे आ सकती है। लोकायुक्त ने अब बैंक अकाउंट, डिजिटल रिकॉर्ड और इन्वेस्टमेंट हिस्ट्री की फोरेंसिक जांच शुरू कर दी है।
GP Mehra का कहना है कि यह सारी संपत्ति उनकी कृषि-व्यवसाय और पारिवारिक इन्वेस्टमेंट से आई है। लेकिन लोकायुक्त की टीम ने साफ कहा है कि सबूत मिलने तक किसी भी दावे को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
इस मामले ने मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ नई बहस छेड़ दी है। राजनीतिक हलकों में विपक्ष इसे “सरकारी सिस्टम में फैले गहरे भ्रष्टाचार” का उदाहरण बता रहा है। वहीं, सरकार का कहना है कि जो भी दोषी होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
जानकारों का कहना है कि अगर इस छापे में पाए गए संपत्ति दस्तावेज पूरी तरह सत्य सिद्ध हुए, तो यह अब तक का सबसे बड़ा MP Lokayukta Raid साबित हो सकता है।
निष्कर्ष: GP Mehra Raid ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि सरकारी पदों पर बैठे अफसरों की पारदर्शिता और जवाबदेही कितनी ज़रूरी है। 17 टन शहद और लग्जरी गाड़ियों से लेकर करोड़ों की जमीनों तक, यह मामला भ्रष्टाचार की जड़ों को उजागर करता है। अब देखना होगा कि अदालत में इस केस का अंजाम क्या होता है।
लेखक: Suraj Pandey | स्रोत: Lokayukta रिपोर्ट, News18, NDTV, Indian Express