मेहुल चोकसी संपत्ति नीलामी

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मेहुल चोकसी की ₹46 करोड़ की संपत्तियों की नीलामी मंजूर — मुंबई कोर्ट का बड़ा फैसला

Description: PNB Scam में आरोपी मेहुल चोकसी की ₹46 करोड़ की 13 संपत्तियों की नीलामी को मुंबई की PMLA कोर्ट ने मंजूरी दे दी है। जानिए किन-किन प्रॉपर्टीज़ पर गिरेगी गाज और आगे क्या होगा।

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मुंबई। पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाले के मुख्य आरोपी मेहुल चोकसी की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। मुंबई की स्पेशल PMLA कोर्ट ने उनकी कंपनी Gitanjali Gems Ltd से जुड़ी करीब ₹46 करोड़ की 13 संपत्तियों की नीलामी की अनुमति दे दी है। यह कदम प्रवर्तन निदेशालय (ED) की उस कार्रवाई का हिस्सा है जो PNB घोटाले में वसूली और जब्ती से जुड़ा है।

कोर्ट के आदेश के अनुसार, गितांजलि जेम्स की इन संपत्तियों को नीलाम करके प्राप्त राशि को फिक्स्ड डिपॉजिट में रखा जाएगा ताकि ट्रायल खत्म होने तक उसका मूल्य सुरक्षित रहे। अदालत ने स्पष्ट किया कि ये संपत्तियां किसी भी सिक्योर्ड क्रेडिटर (secured creditor) के दावे के अधीन नहीं हैं।

किन संपत्तियों की होगी नीलामी?

ED ने कोर्ट को बताया कि नीलामी के लिए जिन 13 संपत्तियों को चुना गया है, उनमें शामिल हैं:

  • चार फ्लैट्स — बोरीवली (ईस्ट), मुंबई में
  • चार इंडस्ट्रियल यूनिट्स — विर्वानी इंडस्ट्रियल एस्टेट, गोरेगांव (ईस्ट)
  • एक ऑफिस स्पेस — भारत डायमंड बोरस (BDB), बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स
  • कुछ मशीनरी व उपकरण — जयपुर स्पेशल इकनॉमिक जोन में स्थित ज्वेलरी यूनिट से

इन सभी संपत्तियों की कुल अनुमानित कीमत लगभग ₹46.14 करोड़ आंकी गई है। कोर्ट ने कहा कि ये संपत्तियां वर्षों से निष्क्रिय पड़ी हैं और उनका मूल्य घटता जा रहा है, इसलिए उनकी नीलामी आवश्यक है।

कोर्ट ने क्या कहा?

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि ऐसी संपत्तियां जो जांच के अधीन हैं पर किसी दावे के अधीन नहीं हैं, उनकी नीलामी से सार्वजनिक हित को नुकसान नहीं बल्कि फायदा होगा। अदालत ने ED को निर्देश दिया कि नीलामी से प्राप्त धन को अदालत के आदेशानुसार सुरक्षित रखा जाए।

क्या होगा आगे?

अगले चरण में इन संपत्तियों का आधिकारिक मूल्यांकन किया जाएगा। इसके बाद नीलामी प्रक्रिया शुरू होगी और बिक्री से प्राप्त धन को ट्रायल पूरा होने तक न्यायालय के खाते में रखा जाएगा। अगर मुकदमे के बाद मेहुल चोकसी दोषी पाए जाते हैं तो यह धनराशि बैंक नुकसान की भरपाई में इस्तेमाल हो सकती है।

गौरतलब है कि मेहुल चोकसी और उनके भांजे नीरव मोदी पर 13,500 करोड़ रुपये के PNB फ्रॉड का आरोप है। दोनों के खिलाफ भारत सरकार ने इंटरपोल और प्रवर्तन एजेंसियों के माध्यम से कार्रवाई जारी रखी हुई है।

आंतरिक लिंक: ट्रंप-नाइजीरिया विवाद 2025

बाहरी लिंक: Hindustan Times रिपोर्ट

मेहुल चोकसी संपत्ति नीलामी’ मामला यह दर्शाता है कि अब भारत में आर्थिक अपराधों पर तेजी से कार्रवाई हो रही है। अदालतों द्वारा संपत्ति जब्ती और नीलामी की मंजूरी यह संकेत देती है कि मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में लंबी कानूनी प्रक्रिया के बावजूद कार्रवाई रुकने वाली नहीं है।

लेखक: Suraj Pandey

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