शहडोल लैंड विवाद हमला में तीन भाइयों पर फरसे से वार, 2 की मौत और 1 गंभीर घायल — Madhya Pradesh crime news
शहडोल लैंड विवाद हमला में तीन भाइयों पर फरसे से वार — 2 की मौत, 1 गंभीर घायल (23 अक्टूबर 2025)

शहडोल लैंड विवाद हमला: 2 भाइयों की मौत, 1 गंभीर घायल

शहडोल (मध्यप्रदेश): मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में शहडोल लैंड विवाद हमला ने पूरे प्रदेश को हिला दिया है। केसवाही गांव में तीन भाइयों पर फरसे और तलवार से हमला किया गया, जिसमें 2 की मौत हो गई और 1 गंभीर रूप से घायल है। बताया जा रहा है कि यह विवाद पिछले 4 सालों से चल रहा था।

दीया जलाने गए भाइयों पर जानलेवा हमला

बुधवार रात तिवारी परिवार के तीन भाई — राकेश तिवारी (40), राहुल तिवारी (32) और सतीश तिवारी (45) — दुकान पर दीप जलाने पहुंचे थे। उसी दौरान गांव के आरोपी परिवार ने उन पर हमला कर दिया। यह शहडोल लैंड विवाद हमला इतना अचानक था कि लोग कुछ समझ ही नहीं पाए। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह हमला लंबे समय से चल रहे ज़मीन विवाद के कारण हुआ।

गांववालों का कहना है कि तिवारी परिवार और आरोपी अनुराग शर्मा के बीच भूमि सीमांकन को लेकर विवाद था। प्रशासन ने पहले भी दोनों पक्षों को बुलाकर समझौते की कोशिश की थी, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।

मरने से पहले वीडियो में लिया नाम

हमले के बाद घायल राहुल तिवारी ने एक वीडियो बनाया जिसमें उसने हमलावरों के नाम स्पष्ट बताए। यह शहडोल लैंड विवाद हमला का सबसे अहम सबूत बन चुका है। वीडियो वायरल होते ही पुलिस ने तेजी से कार्रवाई शुरू की।

घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया। लोगों ने शवों को सड़क पर रखकर राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर जाम लगा दिया। पुलिस ने बल तैनात कर स्थिति को संभाला।

पुलिस की कार्रवाई और प्रशासन की सख्ती

मुख्य आरोपी अनुराग शर्मा और उसके चार साथियों ने बुहर थाने में आत्मसमर्पण किया। पुलिस ने हत्या और हत्या के प्रयास की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। इस शहडोल लैंड विवाद हमला मामले में केसवाही चौकी प्रभारी को भी लापरवाही के आरोप में लाइन अटैच कर दिया गया है।

जांच में घटना में प्रयुक्त फरसे और तलवारें जब्त कर ली गई हैं। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से सबूत एकत्र किए हैं। घायल सतीश तिवारी की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है।

गांव में मातम और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

गांव में मातम का माहौल है। मृतक के परिवार ने सरकार से न्याय और फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग की है। विपक्ष ने कहा कि यह घटना प्रदेश की कानून-व्यवस्था की पोल खोलती है। भाजपा के स्थानीय नेताओं ने कहा कि “अपराधियों को किसी भी हाल में छोड़ा नहीं जाएगा।”

प्रशासन ने कहा है कि शहडोल लैंड विवाद हमला जैसी घटनाओं को रोकने के लिए जिले में सभी भूमि विवादों की सूची बनाकर सर्वे कराया जाएगा।

स्रोत: India TV रिपोर्ट


लेखक: Suraj Pandey | VartaWave.com

 

 

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